11 मई भारत के इतिहास की एक बेहद गौरवशाली तारीख है। इसी दिन भारत ने राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का परिचय दिया था। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में हर वर्ष 11 मई को देशभर में ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया जाता है।
इस खास अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश के युवाओं के नाम एक प्रेरणादायक पाती लिखते हुए उनसे नवीनतम तकनीक सीखने, नवाचार को अपनाने और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
सीएम योगी ने कहा, “मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, हर वर्ष 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया जाता है। यह तिथि यूं ही नहीं चुनी गई। वर्ष 1998 में इसी दिन पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के अंतर्गत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का बोध कराया।
इसी दिन स्वदेशी विमान ‘हंस-3’ ने सफल उड़ान भरी, तो स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का परीक्षण भी सफल रहा। तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है। प्रदेश सरकार इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “आज तकनीक प्रयोगशालाओं से निकलकर खेत-खलिहानों तक पहुंच चुकी है। इससे आम जनजीवन अधिक सुगम और पारदर्शी बना है। डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में धनराशि पहुंच रही है और ऑनलाइन स्व-गणना जैसी सुविधाएं भी तकनीक की देन हैं।
उत्तर प्रदेश के सपूत शुभांशु शुक्ला ने गत वर्ष सफल अंतरिक्ष उड़ान के जरिए 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा किया। यह तकनीक और नवाचार की ताकत का ही परिणाम है, जिससे हमें प्रेरणा लेकर भविष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।





