सिद्धार्थनगर जिले में गुरुवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब एक छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया।
सिद्धार्थनगर: जिले के लोटन कोतवाली क्षेत्र में पुरानी जमीनी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। 24 अप्रैल को राममिलन निवासी गदहमरवा और उसके साथियों ने धनरिहवा निवासी संदीप यादव पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संदीप का इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
गुस्साए परिजन सड़कों पर उतरे, शव रखकर किया प्रदर्शन:
मृतक संदीप के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। उन्होंने लोटन के मुख्य तिराहे पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो किया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी में पूरी तरह लापरवाही बरती।
उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के चलते लोटन मुख्य तिराहे पर करीब पांच घंटे तक चक्का जाम रहा, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एसपी अभिषेक महाजन का त्वरित और सख्त फैसला:
परिजनों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन ने तुरंत कड़ा कदम उठाया। लापरवाही के आरोप में लोटन थानेदार दिनेश कुमार सरोज को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही, सदर थाने में तैनात उपनिरीक्षक हरिओम कुशवाहा को लोटन कोतवाली का नया थानेदार नियुक्त किया गया।

थानेदार दिनेश सरोज
एसपी के इस सख्त एक्शन और कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया।
पॉलिटेक्निक छात्र थे संदीप, जमीन विवाद बना मौत की वजह:
संदीप यादव गोरखपुर से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहे थे। चार महीने पहले उन्होंने अपनी मां के नाम जमीन खरीदी थी, जिसे लेकर विवाद चल रहा था। आखिरकार इसी रंजिश ने एक मां से उसका बेटा छीन लिया और सिस्टम की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।




