लखनऊ | लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर शनिवार से किताबों और साहित्य के रंग में रंग गया। यहां गोमती पुस्तक महोत्सव का आगाज हुआ, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि डिजिटल दौर में युवाओं की किताबों में रुचि खत्म नहीं हुई है। युवा आज भी पढ़ना चाहता है, जरूरत सिर्फ इतनी है कि अच्छी किताबें उसकी पहुंच तक आसानी से पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किताबें युवाओं को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने भी पुस्तक पढ़ने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किताबें बच्चों में ज्ञान, विचार, संस्कार, जिज्ञासा और कल्पनाशक्ति को विकसित करती हैं। बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन पुस्तकें उस दुनिया को समझने की क्षमता देती हैं।

CM के कार्यक्रम से पहले बढ़ी पुलिस की निगरानी: मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं, कार्यक्रम से पहले विरोध की आशंका के बीच समाजवादी छात्र सभा और NSUI से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया। बताया गया कि कुछ सदस्यों को देर रात उनके हॉस्टल से भी हिरासत में लिया गया।
121 प्रकाशक, 250 स्टॉल और हजारों किताबें: गोमती पुस्तक महोत्सव 9 दिनों तक चलेगा और 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में करीब 121 प्रकाशकों ने 250 स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉल पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत कई भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।

खास बात यह है कि महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। ऐसे में किताबों और साहित्य में रुचि रखने वाले लोग अगले नौ दिनों तक लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर पुस्तक महोत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।






