सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में बुधवार को फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कम्बाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की कि वे पराली को जलाने के बजाय खाद बनाने या गौशालाओं को देने का विकल्प अपनाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सही संचालन करने वाले कम्बाइन धारकों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य किसानों को प्रेरणा मिले।
डीएम ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पराली के संग्रहण और उसे गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके अलावा, उप कृषि निदेशक को पराली प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं और उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ सकें और खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लग सके।





