जयपुर/नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले 15 वर्षीय क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी अब एक कानूनी विवाद के केंद्र में आ गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सीएम शिवकुमार नायक ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए किशोर की लीग में भागीदारी को “बाल श्रम” करार दिया है।
FIR की धमकी: सीएम शिवकुमार नायक ने आधिकारिक बयान जारी कर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की चेतावनी दी है। उनका तर्क है कि 15 वर्ष की आयु में एक बच्चे को व्यावसायिक दबाव वाली पेशेवर लीग में शामिल करना श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
शिक्षा का मुद्दा: नायक ने अपनी शिकायत में इस बात पर जोर दिया है कि वैभव वर्तमान में अपनी 10वीं की पढ़ाई के दौर में हैं। आईपीएल के व्यस्त शेड्यूल और व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है, जिसे उन्होंने “मानसिक और शारीरिक शोषण” की श्रेणी में रखा है।
बाल श्रम का दावा: शिकायतकर्ता के अनुसार, आईपीएल एक शुद्ध व्यावसायिक मंच है और यहां किशोरों से काम करवाना बाल श्रम कानूनों के तहत दंडनीय होना चाहिए।
मैदान पर वैभव का प्रदर्शन (IPL 2026):
विवादों के बीच, वैभव सूर्यवंशी का बल्ला मैदान पर जमकर बोल रहा है। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उनके आंकड़े किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं हैं।
राजस्थान रॉयल्स: फ्रेंचाइजी प्रबंधन ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक कानूनी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन वे लगातार खिलाड़ी के टैलेंट और बीसीसीआई (BCCI) के नियमों का हवाला देते रहे हैं।
BCCI के मानक: वैभव सूर्यवंशी ने बीसीसीआई के सभी अनिवार्य बोन टेस्ट (उम्र सत्यापन प्रक्रिया) को पास किया है। बीसीसीआई के वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी बोर्ड की चयन प्रक्रिया और योग्यता मानकों को पूरा करता है, तो वह खेल सकता है।
यह मामला अब एक बड़े विमर्श की ओर बढ़ रहा है कि क्या पेशेवर खेलों में ‘न्यूनतम आयु’ के नियमों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला अदालत तक पहुंचता है, तो यह भविष्य में युवा एथलीटों के पेशेवर करियर के लिए एक बड़ा उदाहरण सेट करेगा।





