राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस ने 24 घंटे की कस्टडी में ले लिया है। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस अयोध्या जेल पहुंची, जहां से उसे पुलिस लाइन लाकर लगभग 2 घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस उसे लेकर प्रतापगढ़ रवाना हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने चढ़ावे की चोरी के पैसों से एक मोटरसाइकिल खरीदी थी। इसी मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए पुलिस उसे उसके पैतृक घर प्रतापगढ़ लेकर गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अविनाश ने चढ़ावे में आए सोने-चांदी के जेवर और नकदी अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दी थी।
अब पुलिस उसकी निशानदेही पर उन स्थानों पर पहुंचकर बरामदगी की कार्रवाई कर सकती है। अविनाश शुक्ला मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है। वह राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम करता था और अयोध्या में किराए के मकान में रहता था। उसके कमरे से 20 लाख रुपये नकद, 1000 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के गहने और ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ एक बक्सा बरामद हुआ था।
वहीं, इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने शुक्रवार को एक बार फिर ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से बैंक से जुड़े दस्तावेज और मंदिर कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड साथ लाने को कहा गया है। इससे पहले गुरुवार को SIT दोनों से बंद कमरे में करीब 5 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है।
इधर, चढ़ावा चोरी मामले के अन्य आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनके नए मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस भी जारी किया गया है।
हालांकि, सुप्रिया मिश्रा का कहना है कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। उनका दावा है कि मकान का नक्शा विधिवत पास है। उन्होंने कहा, हम सिर्फ यही चाहते हैं कि मेरे पति सकुशल घर लौट आएं। भगवान से यही प्रार्थना है कि उन्हें कुछ न हो।




