उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एम्स में मानवता और चिकित्सा सेवा की मिसाल देखने को मिली। यहां डॉक्टरों ने एक युवती का लगातार 98 दिनों तक इलाज किया और इस दौरान उसका पूरा ख्याल रखने के साथ-साथ इलाज का सारा खर्च भी खुद उठाया।
बताया जा रहा है कि युवती के परिजन उसे मृत समझकर अस्पताल में ही छोड़कर चले गए थे। इसके बावजूद गोरखपुर एम्स के डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और युवती की जान बचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। इलाज के दौरान युवती को तीन बार दिल का दौरा पड़ा, जबकि वह 48 दिनों तक वेंटिलेटर पर रही।
डॉक्टरों की मेहनत और देखभाल का नतीजा रहा कि युवती पूरी तरह स्वस्थ हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उसे सुरक्षित उसके घर भेज दिया। यह मामला डॉक्टरों की संवेदनशीलता, समर्पण और मानवता की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है।





