लखनऊ विश्वविद्यालय: दिनांक 06/05/2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय में बी.ए. चौथे सेमेस्टर (फिलॉसफी) की निर्धारित परीक्षा को अचानक निरस्त कर दिया गया। इसके स्थान पर 08/05/2026 को प्रस्तावित परीक्षा को आनन-फानन में आज ही आयोजित कर दिया गया। इस अचानक लिए गए निर्णय से छात्र-छात्राओं में भारी असंतोष व्याप्त हो गया।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता की स्थिति उत्पन्न हुई तथा कुछ परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन के उपयोग की अनुमति दी गई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ गया।
इसी के विरोध में आज कुलपति कार्यालय का घेराव किया गया। छात्र नेता सर्वेश यादव ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता अनुराग चौधरी ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि इस परीक्षा को तत्काल निरस्त कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पुनः आयोजित कराया जाए। साथ ही इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उक्त विरोध प्रदर्शन में अभिषेक श्रीवास्तव, जतिन यादव, सूर्यांश आर्यन, पीयूष, अभिषेक, सचिन, शिवा, रुद्रवीर, गगनदीप, अर्चित, अखिलेश एवं सैकड़ों पीड़ित छात्र शामिल रहे।





