लखनऊ विश्वविद्यालय में आज दर्शन शास्त्र विभाग के बीए चतुर्थ सेमेस्टर की निर्धारित परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। तय कार्यक्रम के अनुसार “पाश्चात्य नैतिक शास्त्र (वेस्टर्न एथिक्स फिलॉस्फी)” का पेपर होना था, लेकिन उसकी जगह “पाश्चात्य दर्शन (वेस्टर्न फिलॉस्फी)” की परीक्षा आयोजित कर दी गई।
इस अचानक बदलाव की जानकारी छात्रों को पहले से नहीं थी, जिससे परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई छात्र-छात्राएं असमंजस की स्थिति में आ गए, वहीं कुछ छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं। स्थिति के बावजूद छात्रों को जबरन पाश्चात्य दर्शन का पेपर देने के लिए बाध्य किया गया।
घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया और पुनः परीक्षा कराने की मांग उठाई। इस दौरान छात्र नेता एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र, साथ ही समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव ‘बाबू’ ने दोबारा परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।


प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता सर्वेश यादव, पीयूष चावला, अनुराग चौधरी, सर्वज्ञ प्रताप सिंह, जतिन यादव, अभिषेक राज सिंह, गुलशन, रोहित, विकास राठौर, अर्चित, आकर्ष मिश्र, सूर्या प्रताप सिंह, शिवा सोनकर, गगनदीप सिंह, आशीष राज, शिखर देवेश पाठक सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।





