रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। रामपुर एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट ने दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला को सुनाई गई सात साल की सजा रद्द कर दी है।
रामपुर कोर्ट ने 5 दिसंबर, 2025 को अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इस फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी, जिस पर 25 मई को बहस पूरी हो चुकी थी।
शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने अब्दुल्ला की अपील मंजूर कर ली और पूर्व में सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया। हालांकि, वे फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ कई मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। अब्दुल्ला अपने पिता आजम खान के साथ दो पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद हैं।
दो पासपोर्ट लेने का था आरोप: सजा निरस्त होने के बाद अब्दुल्ला आजम के वकील नासिर सुल्तान ने बताया कि यह मामला साल 2019 का है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग समय पर दो पासपोर्ट बनवाए और उन पासपोर्ट में अलग-अलग जन्मतिथि व बर्थ सर्टिफिकेट लगाए गए, जिनका कई जगह इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को इस मामले में 7 साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल की गई थी, जिसे अब कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। निचली अदालत का फैसला बदलते हुए अब्दुल्ला आजम को इस मामले में बरी कर दिया गया है।





