भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि एक पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अगले दो दिनों तक हीट वेव की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान असम और कर्नाटक में 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर राजस्थान के कुछ इलाकों से ओलावृष्टि की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में हीट वेव की स्थिति की रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्रादरी, कोटागुयम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बरपाडा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों तक पहुंचने की प्रबल संभावना है।
इसके अलावा मानसून आने वाले दो-तीन दिनों में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और क्षेत्रों को भी कवर कर सकता है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है, जबकि एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा विस्तारित है, वहीं दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में केरल से तमिलनाडु तट तक एक शियर जोन सक्रिय है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पूरे उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। विशेष रूप से राजस्थान में गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी (डस्ट स्टॉर्म) चलने की आशंका जताई गई है।





