लखनऊ विश्वविद्यालय में आज महामहिम राज्यपाल के ड्रेस कोड संबंधी तुगलकी फरमान के विरोध में छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से लाल बिल्डिंग से गेट नंबर-1 तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। छात्रों का कहना था कि इस ड्रेस कोड से उनकी स्वतंत्रता छीनी जा रही है और इसे किसी कंपनी को देकर बड़े भ्रष्टाचार की आशंका भी है।
छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि सबसे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रोफेसरों पर ड्रेस कोड लागू किया जाए तथा विश्वविद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था को सुचारु किया जाए।जब छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे तो उन्हें मिलने से इंकार कर दिया गया और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें डराने का प्रयास किया गया और कई छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया।
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से संयोजक छात्र नेता शशि प्रकाश मिश्रा, लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, छात्र नेता लखनऊ विश्वविद्यालय अभिषेक श्रीवास्तव “बाबू”, एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष आर्यन मिश्रा, विकास मिश्रा, जतिन यादव, छात्र नेता शुभम खरवार, हिमांशु यादव, आयुष सिंह, अक्षत पांडे, बापसा इकाई अध्यक्ष मानव रावत, सुधांशु शर्मा, सौरभ गिरी, रोहित यादव, आदित्य पांडे, आकाश श्रीवास्तव, अक्षय वर्मा प्रधान, आलोक यादव, विशाल कुमार, यश ठाकुर, अमन प्रताप सिंह, विश्वजीत सिंह, अभिषेक मिश्रा, अजित्येंद्र यादव, आर्यन गुप्ता, वैभव कनौजिया, रितिक रावत, नागेंद्र कुमार, सत्यम सिंह, अमितेश पाल, अश्वनी कुमार सहित तमाम छात्र मौजूद रहे।





