अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन पर उठाए सवाल, बोले – “सत्य कहना आजकल अस्वीकार्य होता जा रहा है” :

अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन पर उठाए सवाल, बोले – “सत्य कहना आजकल अस्वीकार्य होता जा रहा है” :

मथुरा में एक धार्मिक कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने वर्तमान सामाजिक परिवर्तनों और रिश्तों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आजकल सत्य बोलना आसान नहीं रहा, क्योंकि सत्य कहने पर अक्सर विरोध का सामना करना पड़ता है।

लिव-इन रिलेशनशिप पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति कहता है कि लिव-इन संबंधों का कुछ पहलुओं में दुरुपयोग हो रहा है, तो लोग उसका विरोध करने लगते हैं। यह कलयुग का प्रभाव है, जहाँ झूठ आसानी से स्वीकार कर लिया जाता है लेकिन सच कहने वाले को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।”

अनिरुद्धाचार्य ने कहा – अब लोग झूठ सुनना चाहते हैं, उन्हें सत्य अच्छा नहीं लगता

उन्होंने सवाल किया, “क्या आज कोई मां अपने बेटे को लिव-इन में देखना पसंद करेगी? क्या हम ऐसी बहू चाहते हैं जो बिना विवाह के संबंधों में रही हो? ये सवाल समाज से जुड़े हुए हैं और इन्हें टालना नहीं चाहिए।”

नारी सम्मान के संदर्भ में अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “हमारे शास्त्रों में नारी को देवी स्वरूप माना गया है, लेकिन देवी कौन होती है? वह जो आचरण, मर्यादा और संस्कारों में महान हो – जैसे सीता, राधा, पार्वती और लक्ष्मी। ऐसी नारियों की पूजा हम करते हैं।”

कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने कहा – हमारे यहां नारी की पूजा होती है

उन्होंने यह भी कहा कि “समानता के नाम पर आजकल हर प्रकार के आचरण को समान दर्जा देने की कोशिश हो रही है, लेकिन क्या वास्तव में सब बराबर होते हैं? समाज को यह विचार करना होगा कि वह किस प्रकार के मूल्यों को बढ़ावा देना चाहता है।”

अंत में उन्होंने कहा, “हम सत्य के पक्षधर हैं, लेकिन जब भी कोई कटु सत्य कहा जाता है, तो उसका विरोध होने लगता है। समाज को यह तय करना होगा कि वह सच्चाई को स्वीकार करना चाहता है या केवल वह सुनना जो उसे अच्छा लगे।”

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