चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में गलतियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार कर दिया है। सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में आयोग ने कहा कि यह जानकारी कॉमर्शियल प्राइवेसी और इंटेलेक्चुअल राइट्स से जुड़ी है, इसलिए इसे RTI कानून के दायरे में साझा नहीं किया जा सकता।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया के लिए न तो कोई नया सॉफ्टवेयर विकसित किया गया और न ही कोई नया सॉफ्टवेयर खरीदा गया। आयोग के मुताबिक, मतदाता को सूची में शामिल करने या उससे नाम हटाने का फैसला संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करते हैं।
आयोग ने कहा कि संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की जिम्मेदारी ERO की होती है। ERO इस कार्य के लिए वैधानिक रूप से जिम्मेदार अधिकारी हैं। चुनाव आयोग ने यह जवाब 16 अक्टूबर को RTI आवेदन के तहत दिया था।


















































