विमान और उसके इंजन में उड़ान से पहले कोई समस्या नहीं थी – एयर इंडिया CEO कैंपबेल विल्सन

एयर इंडिया हादसा: उड़ान से पहले विमान और इंजन पूरी तरह सुरक्षित थे – CEO कैंपबेल विल्सन

12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे के बाद जांच कार्य जोरों पर है, इस भयावह दुर्घटना में 270 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, अब एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने हादसे से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं।

फ्लाइट के पहले कोई तकनीकी खामी नहीं थी :
सीईओ ने स्पष्ट किया कि उड़ान से पहले विमान या उसके किसी भी इंजन में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं पाई गई थी। उन्होंने बताया कि:
विमान का रखरखाव पूरी तरह नियमित और व्यवस्थित था, इसकी आखिरी व्यापक जांच जून 2023 में हुई थी, जबकि अगली बड़ी जांच दिसंबर 2025 में निर्धारित थी, दाहिने इंजन की मरम्मत मार्च 2025 में और बाएं इंजन का निरीक्षण अप्रैल 2025 में किया गया था।

विल्सन ने यह भी कहा कि एयर इंडिया इस दुर्घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और विमानन क्षेत्र की सभी एजेंसियों के साथ मिलकर सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बोइंग 787 विमानों की जांच तेज़ी से जारी :
14 जून को DGCA के निर्देश के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी 33 बोइंग 787 विमानों की गहन जांच शुरू की है, अब तक 26 विमानों की समीक्षा पूरी हो चुकी है और उन्हें संचालन के लिए हरी झंडी दी गई है, जबकि बाकी विमानों की जांच जारी है, डीजीसीए की समीक्षा में यह पुष्टि हुई है कि एयर इंडिया की देखरेख प्रक्रिया और विमानों का सुरक्षा स्तर मानकों के अनुरूप है।

ब्लैक बॉक्स से मिले सुराग, डिकोडिंग का इंतजार :-
विमान से जुड़े ब्लैक बॉक्स के दोनों हिस्से – फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) – बरामद कर लिए गए हैं, पहला सेट 13 जून और दूसरा 16 जून को मिला, चूंकि यह विमान मॉडल दोहरे ब्लैक बॉक्स सेट से लैस था, इससे जांच में अतिरिक्त जानकारियां मिलने की संभावना है।

डिकोडिंग भारत में या विदेश में – फैसला AAIB करेगा :
ब्लैक बॉक्स को लेकर मीडिया में फैल रही अटकलों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है, मंत्रालय ने बताया कि डिकोडिंग कहां होगी – भारत में या विदेश में इसका निर्णय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा तकनीकी, सुरक्षा और गोपनीयता की समीक्षा के बाद लिया जाएगा, साथ ही मीडिया और जनता से बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाने की अपील की गई है।

जांच में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी भागीदारी :
इस हादसे की जांच AAIB की एक विशेष टीम कर रही है, जो 12 जून से सक्रिय है, इसमें अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और विमान निर्माता कंपनी के विशेषज्ञ भी शामिल हैं, यह जांच ICAO के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है और स्थानीय प्रशासन सहित कई एजेंसियां भी इसमें सहयोग कर रही हैं।

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