मौसम बदलने से बढ़ा बीमारियों का खतरा: सर्दी-जुकाम से लेकर डेंगू तक का प्रकोप, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग की ओर से मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ती नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, इस समय अधिक जोखिम में रहते हैं, उमस और जलभराव के चलते मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, इसके अलावा, मानसून के दौरान पाचन संबंधी परेशानियाँ और त्वचा रोग भी आम हो जाते हैं।

जागरूकता कार्यक्रम में बैठे लोग
विशेषज्ञों ने आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- बारिश में छाता या रेनकोट का प्रयोग करें।
- भीगने की स्थिति में तुरंत कपड़े बदलें।
- हल्के और सूती कपड़े पहनें।
- ताजा और गर्म भोजन का सेवन करें।
- केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
- सब्ज़ियों और फलों को अच्छे से धोकर ही उपयोग करें।
इसके अलावा, पूरी नींद लेना और नियमित व्यायाम करना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होता है, मच्छरों से बचाव के लिए घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें, खिड़की और दरवाज़ों पर जाली लगाएं, और गंदे जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचें, बाहर निकलते समय मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है।
डॉ. मनीष राय ने कहा कि सर्दी, खांसी, बुखार या बदन दर्द जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें, ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, उन्होंने बताया कि केएमसी अस्पताल में इन सभी बीमारियों की जांच और इलाज सस्ती दरों पर उपलब्ध है।



















































