राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को हिंदू-मुस्लिम एकता पर बोलते हुए कहा कि भारत की संस्कृति इतनी विशाल और समावेशी है कि इसमें इस्लाम का हमेशा सम्मानजनक स्थान रहेगा। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों के बीच किसी एकता की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि वे मूल रूप से पहले से ही एक हैं। अंतर केवल पूजा-पद्धति का है, और यह भिन्नता किसी विभाजन का कारण नहीं बन सकती।
भागवत ने जोर देकर कहा कि दोनों समुदाय सदियों से साथ रहते आए हैं और भारत की साझा सभ्यता के अभिन्न अंग हैं। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि विविधता हमारी ताकत है और एकजुट करने की बात उठाना ही निरर्थक है, क्योंकि हमारी जड़ें पहले से ही एक हैं।


















































