ECI: आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग की है। उनका आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे और जोड़े गए तथा चुनाव आयुक्तों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर कई बार असहमति सामने आई।
संजय सिंह ने दावा किया कि 60 लाख नाम काटे गए, 33 लाख नाम जोड़े गए और 27 लाख नाम पेंडिंग किए गए। उन्होंने कहा कि 1.26 लाख मामलों की सुनवाई में 93% नाम सही पाए गए, इसलिए जिन लोगों के नाम गलत तरीके से काटे गए, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने SIR को लेकर बिहार, बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत पहले हुए चुनावों पर भी सवाल उठाते हुए दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में पूर्व सेना प्रमुख, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार, मनीष सिसोदिया के परिवार, कपिल सिब्बल समेत कई लोगों के नाम SIR में प्रभावित हुए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर भी इस मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग का जवाब:
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि SIR को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनकी मांगें नहीं मानीं। वहीं, चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज किया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयुक्तों के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद होना संभव है, लेकिन चर्चा के बाद ही फैसला लिया जाता है।
आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े जिन मुद्दों पर रिपोर्ट में मतभेद का जिक्र है, उन पर भी फैसले आम सहमति से लिए गए और तीनों चुनाव आयुक्तों के हस्ताक्षर हैं। आयोग के मुताबिक बिना बहुमत या आम सहमति के कोई फैसला नहीं किया जा सकता।




