फ्लाईदुबई फ्लाइट: बीते दिन दुबई से इस्राइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 9/11 जैसे हमले की आशंका से हड़कंप मच गया। विमान में 174 यात्री और क्रू सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के करीब दो घंटे बाद ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
हमले के बाद विमान 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14,000 से 17,000 फीट नीचे आ गया। यात्री हवा में उछलने लगे। शुरुआती जांच के अनुसार, को-पायलट विमान को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था। हमले के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथों से भारी खून बह रहा था। विमान में मौजूद एकमात्र डॉक्टर मूसायेव ने उनका रक्तस्राव रोककर ब्लड प्रेशर स्थिर किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन होश में थे और बात कर रहे थे।
इसी दौरान कैप्टन स्मित ने अपनी आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट के दरवाजे की रिलीज का बटन दबाया। दरवाजा खुलने के बाद क्रू और यात्री अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू किया जा सका। तीन इस्राइली यात्रियों ने हमलावर को पकड़कर कॉर्डेड हेडफोन से बांध दिया। उसे काबू करने में करीब 20-25 मिनट लगे।
कुछ यात्री हमलावर को विमान से बाहर फेंकने के लिए तैयार थे, लेकिन कैप्टन स्मित और अन्य यात्रियों ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उसे अधिकारियों के हवाले किया जाए। इसके बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा। इस्राइली अधिकारियों के अनुसार, विमान में सवार 174 यात्री और क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित रहे।
















































